हमारे आस पास के पेड़-पौधे, जल, वायु एवं विभिन्न प्राकृतिक कारकों को हम पर्यावरण के रूप में जानते हैं। हमारे जीवन में इन हरे भरे पेड़ पौधे का बहुत महत्व हैं। प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
आज हमारे लिए अपने चारों ओर के वातावरण को संरक्षित व सुरक्षित रखना नितांत आवश्यक हैं। इसकी शिक्षा हमें अपने विद्यालय के बच्चों को देना बेहद जरूरी। पेड़-पौधों की सुरक्षा करना, जीवन में संवेदनशीलता लाना, जानवरों की रक्षा करना, जल का दुरुपयोग ना करना – इन कुछ जरूरी पर्यावरण सम्बन्धी जानकारीयों से बच्चों को अवगत कराना आवश्यक है क्योंकि बचपन में सीखा हुआ ही बाद में दिनचर्या बन जाती है इसलिए अच्छी आदतें बचपन से सीखा देने से ही हम बेहतर परिणाम की अपेक्षा कर सकते हैं।
इस दिशा में मैने बच्चों को जागरूक करने का सबसे सरल माध्यम चुना पोस्टर मेकिंग। रंगों और ब्रश के सहारे बच्चों को सरल और सहज तरीके से समझाती हूँ। मैने पर्यावरणीय जागरूकता सम्बन्धी पोस्टर बनाये व बनवाये हैं।
पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए मेरे द्वारा उठाया गया यह कदम बच्चों को अत्यंत रुचिकर और आकर्षक लगा।
बिजली बचाओ 
मैने बच्चों को बिजली बचाने के उपायों के बारे में बताया- जैसे कमरे से निकलने पर लाइट तथा पंखों के स्विच ऑफ करें। दिन के समय आवश्यकता होने पर ही बल्ब का प्रयोग करें। इससे बिजली की बचत होगी। इससे दो लाभ होंगे- पहला बिजली का बिल कम आएगा तथा दूसरा हम इस संसाधन का प्रयोग अधिक समय तक कर पाएँगे।
पेड़ बचाओ 
बच्चों को पेड़ो को सुरक्षित रखने हेतु भी जाग्रत करने का प्रयास किया हैं। पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। इनके बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती हैं। पेड़-पौधों से प्राण वायु ऑक्सिजन के साथ साथ हमें दैनिक उपयोग में आने वाली लकड़ी प्राप्त होती है। पेड़-पौधे वर्षा में सहयोगी होते हैं। इनसे मृदा अपरदन भी रोका जा सकता है। पेड़-पौधे सूखा-बाढ़ सभी आपदाओं में हमारी सुरक्षा करते हैं।
पानी बचाओ 
पेड़-पौधों के साथ-साथ जल भी हमारे जीवन के लिए अतिमहत्वपूर्ण हैं। जल हमारे जीवन का आधार हैं। वर्तमान समय में बढ़ती आबादी और जल संकट भविष्य के लिए बहुत बड़ी चिंता का विषय हैं। इसके लिए हमें आज सजग होना होगा। जल का संरक्षण और जल का सद्पयोग करना हमें अपनी आदतों में शामिल करना होगा तभी हम बेहतर भविष्य की कल्पना भी कर सकते हैं। इस पोस्टर के माध्यम से यही समझाने का प्रयास किया है।
प्रकृति बचाओ 
आधुनिकता की दौड़ में हम प्रकृति की परवाह नही कर रहे हैं। संसाधनों के अंधाधुंध प्रयोग में यह भूल गए हैं कि इसका कितना दुष्प्रभाव हमारी प्रकृति पर होगा। संसाधन का होना यह हमारे वैज्ञानिकों व इंजीनियरों की देन हैं जो हमारे कार्यों को सरल व सुगम बनाते हैं किंतु संसाधनों के अत्यधिक प्रयोग व अनावश्यक प्रयोग प्रकृति को विनाश की ओर ले जा रहे हैं। उदाहरण के लिए, अब गाँव-गाँव में पानी की उपलब्धता समर सेबल पम्प के माध्यम से हो गयी है। जो हमारे लिए बहुत सुविधाजनक हैं किंतु प्रायः यह देखा गया है कि जानकारी के अभाव में अब लोग समर सेबल पम्प का अनावश्यक प्रयोग करते है जिससे भूमिगत पानी तीव्रता से कम होता है। इसके दुष्प्रभाव हमें भविष्य में देखने को मिलेंगे।
संसाधनों के उत्तम प्रयोग और प्रकृति के न्यूनतम नुकसान का सरल नियम है 3R अर्थात Reduce (कम उपयोग) Reuse (पुनः उपयोग) तथा Recycle (पुनः चक्रण)। हमारे बच्चे भारत का भविष्य हैं। हमें एक बेहतर भविष्य के सपने को साकार करने के लिए उन्हें ये बात आज बतानी और समझानी होगी।
मार्च 2020 से प्रारम्भ हुए लॉकडाउन के कारण अभी शिक्षा के माध्यम में बदलाव करना पड़ा है। इस समय में ये पोस्टर बच्चों की शिक्षा और पर्यावरण के प्रति जागरुक करने में बहुत सहयोगी बने हैं। पर्यावरण शिक्षा के अतिरिक्त सभी अनिवार्य विषयों के मैने पोस्टर बनाकर व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से बच्चों को उपलब्ध कराए हैं ताकि उनकी शिक्षा व शिक्षण में बहुत हानि ना होने पाए। इसी छोटे से प्रयास से मुझे उम्मीद है, बच्चों के दिलोदिमाग पर सकारात्मक असर हुआ होगा, जिसके परिणाम हमें निश्चित रुप से देखने को मिलेंगे।
आप भी पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने स्तर से प्रयास करें। एक उद्देश्य को लेकर सम्मिलित रुप से किए गए अलग-अलग प्रयास जरुर अच्छे परिणाम लायेंगे।
अर्चना उपाध्याय (स०अ०)
प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर
विकास क्षेत्र रानीपुर
 मऊ